Hindi
Saturday 21st of October 2017
Articles

यज़ीद के दरबार में इमाम सज्जाद अ. का भाषण।

अबनाः कर्बला में इमाम हुसैन अ.स. की शहादत के बाद दीन और दीनदारों की सारी ज़िम्मेदारी इमाम सज्जाद अ.स. पर थी, और आप के लिए बहुत ही कठिन था कि एक तरफ़ बाप और भाइयों की लाशें थीं तो ...

सबसे अच्छी मीरास

इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः सबसे अच्छी चीज़ जो बाप अपने बेटों के लिए मीरास के रूप में छोड़ता है वह शिष्टाचार है न कि माल-दौलत, क्योंकि माल-दौलत चला जाता है ...

मोमिन की नजात

पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम फ़रमाते हैः मोमिन की नजात अपनी ज़बान को क़ाबू रखने में है।

सऊदी अरब में क़ुर्आन का अपमान

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना :प्राप्त सूत्रों के अनुसार सऊदी अरब में कुछ लोग क़ुर्आन का अपमान करते हैं। एवं ट्विटर पर पर्यटन एवं मनोरंजन कोंसिल की इजाज़त से संगीत के साथ ...

शोहदाए बद्र व ओहद और शोहदाए कर्बला

ख़ासाने रब हैं बदरो ओहद के शहीद भीलेकिन अजब है शाने शहीदाने करबला।राहे ख़ुदा में शहीद हो जाने वाले मुजाहेदीन का फ़ज़्ल व शरफ़ मोहताजे तआरूफ़ नहीं है। शोहदाऐ राहे ख़ुदा के ...

ख़ून की विजय

इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम प्रत्येक अवसर पर लोगों का मार्गदर्शन करते और मायामोह व अंधकार में डूबे लोगों को जागरुक बनाते रहते थे। यही कारण है कि जब यज़ीदी सेना के एक सेनापति ...

हज़रत अब्बास (अ.)

चार शाबान ऐसे महान व्यक्ति का शुभ जन्म दिवस है जिसका नाम इतिहास में निष्ठा और त्याग का पर्याय बन चुका है।  शाबान महीने की चार तारीख़ को हज़रत अली अलैहिस्सलाम के सुपुत्र ...

हबीब इबने मज़ाहिर एक बूढ़ा आशिक

हबीब इबने मज़ाहिर” का अस्ली नाम “हबीब बिन मज़हर” है। (1) आप एक महान और सम्मानीय क़बीले से संबंधित हैं जिसका नाम इतिहास की पुस्तकों में “बनी असद” बताया गया है, और आप ...

जगह जगह हुईं शामे ग़रीबाँ की मजलिसें

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना :प्राप्त सूत्रों के अनुसार ईरान एवं इराक़ सहित समस्त विश्व में कर्बला के शहीदों की याद में शामे ग़रीबाँ की मजलिसों का सिलसिला जारी रहा । ...

हज़रत इमाम सज्जाद अ.स.

नाम व उपाधियाँहज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधियां सज्जाद व ज़ैनुल आबेदीन हैं। सज्जाद अर्थात अत्यअधिक सजदे करने वाला। ज़ैनुल आबेदीन अर्थात ...

साजेदीन की शान इमामे सज्जाद अलैहिस्सलाम

तारीख़ के सफ़हात पर ऐसे सरफ़रोशों की कमी नहीं जिन के जिस्म को तो वक्त के ज़ालिमों और जल्लादों ने क़ैदी तो कर दिया लेकिन उन की अज़ीम रुह, उन के ज़मीर को वह क़ैदी बनाने से आजिज़ ...

हज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ)इमामे सज्जाद अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि सज्जाद हैं। माता पिताआपके पिता हज़रत इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रते शहरबानो ...

इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

वर्ष ३८ हिज़री क़मरी ५ शाबान को पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम के पौत्र इमाम अली बिन हुसैन पैदा हुए जिनकी एक उपाधि सज्जाद भी है।हज़रत इमाम हुसैन ...

बनी हाशिम के पहले शहीद “हज़रत अली अकबर”

हज़रत अली अकबर (अ) की जीवनी के बारे में इतिहासकारों के बीच मतभेद पाया जाता है जैसे कुछ इतिहासकारों ने कर्बला के युद्ध के समय आपकी आयु 20 साल से कम तो कुछ ने 25, 27, या 29 साल बताई है, ...

हज़रते क़ासिम बिन इमाम हसन अ स

क़ासिम इमाम हसन बिन अली (अ) के बेटे थे और आप की माता का नाम “नरगिस” था मक़तल की पुस्तकों ने लिखा है कि आप एक सुंदर और ख़ूबसरत चेहरे वाले नौजवान थे और आपका चेहरा चंद्रमा की ...

आज़ाद तीनत सिपाही जनाबे हुर्र बिन यज़ीदे रियाही

हुर्र बिन यज़ीद बिन नाजिया बिन क़अनब बिन अत्ताब बिन हारिस बिन उमर बिन हम्माम बिन बनू रियाह बिन यरबूअ बिन हंज़ला, तमीम नामक क़बीले की एक शाख़ा से संबंधित हैं (1) इसीलिये उनको ...

इमाम हुसैन का छः महीने का सिपाही "अली असग़र"

इमाम हुसैन (अ) का दूध पीता बच्चा अब्दुल्लाह बिन हुसैन जो कि अली असग़र के नाम से प्रसिद्ध है उनकी माँ का नाम रबाब था जो कि इमरउल क़ैस बिन अदी बिन औस बिन जाबिर बिन कअब बिन अलीम ...

इमाम हुसैन(अ)का आन्दोलन

मुहर्रम के आने के साथ ही करबला वालों की याद हृदयों में पुनःजीवित हो जाती है। हर व्यक्ति अपने स्तर से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के पवित्र आन्दोलन से स्वंय को जोड़ने का प्रयास ...

अज़ादारी और इसका फ़लसफ़ा

हमारा अक़ीदह है कि शोहदा-ए- इस्लाम मख़सूसन शोहदा-ए-कर्बला के लिए अज़ादारी बरपा करना, इस्लाम की बक़ा के लिए उनकी जाफ़िशानी व उनकी याद को ज़िन्दा रखने का ज़रिया है। इसी वजह से ...

हुसैन(अ)के बा वफ़ा असहाब

मैंने अपने असहाब से आलम और बेहतर किसी के असहाब को नही पाया।हमारी दीनी तालीमात का पहला स्रोत क़ुरआने मजीद है। क़ुरआन के बाद हम जिन रिवायात का तज़किरा करते हैं वह दो तरह की ...